पूजन-विधान हेतु छंदानुसार भजन
नोट:- 1. अधिकतर पूजन विधान में जिन छंदों का प्रयोग किया जाता है और उसमें सामान्यत: सभी साधर्मी जिन भजनों को गा सकते है वो इसमें लेने का प्रयास किया गया है, ताकि आपको बार-बार अपनी डायरी या भजन की किताब में भजन खोजना नहीं पड़ेगा। और छंद की लय के अनुसार भजन के साथ आप भक्ति पूर्वक पूजन-विधान सम्पन्न कर पायेंगे। 2. यदि किसी भजन को गाना नहीं आ रहा है, उस भजन की लय की जानकारी नहीं है तो यूट्यूब पर उस भजन का प्रारंभिक पद सर्च करें आपको भजन मिल जायेगा आप लय सुन सकते है। 3. इसके अलावा विधान कराते समय दिए गए छंदों के अलावा भी कोई नया छंद आपके सामने आ जाता है जिसकी लय आपको नहीं पता तो आप 8302047216 पर उस छंद का एक काव्य का विधान की पुस्तक से फोटो व्हाट्सएप करें आपको उचित लय वॉइस मैसेज में प्राप्त हो इसकी पूरी कोशिश मैं करूंगा। छंद - दोहा कितना प्यारा तेरा ये द्वारा, यही गुजाऊँ जीवन सारा। तेरे दरश की लगन से, हमें आना पड़ेगा इस दर दुबारा- २॥ टेक॥ शान्त छवि मूरत तेरी महिमा अपरम्पार, मैं अज्ञानी क्या गा सकें गाता है संसार। भव-भव के बंधन कट जायें पापी भी यदि ध्यान लगायें । अंजन को भी तारा… ॥१॥ भू...